दिल्ली की खराब होती आबो हवा के कारण 1 से 10 नवंबर तक औघोगिक इकाइयों पर लगी रोक

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दिवाली में अभी दस दिन बाकी है, लेकिन दिल्ली की हवा अभी से खराब होती जा रही है. दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है. राज्य प्रशासन से लेकर अब केंद्र भी राजधानी के वातावरण की सुरक्षा को लेकर सख्त हो गया है.

रविवार को राजधानी में हवा की क्वालिटी इस सीजन में सबसे खराब रही. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 381 दर्ज किया गया. यह प्रदूषण के गंभीर स्तर से कुछ ही कम है. वहीं आज यानी सोमवार को दिल्ली के लोधी रोड इलाके में प्रदूषण सूचकांक PM 2.5 पर 263 और PM 10 पर 249 दर्ज किया गया.

हवा की दिशा में बदलाव, धीमी हवा गति और तापमन में गिरावट से प्रदूषण के स्तर में थोड़ी गिरावट की आशंका जताई गई थी,लेकिन पंजाब और हरियाणा में जलने वाली पराली जलाएं जाने की वजह से हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं दर्ज किया गया. जिसके कारण स्थिति और भी खराब हो गई है.

वही दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता लगातार ख़राब होती  जा रही है ,जिसे ठीक करने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है कि वह वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाते हुए आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई करेगी.

वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नीति एक कार्यबल ने दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति से निपटने के लिए एक नवंबर से 10 नवंबर के बीच कम से कम निजी वाहनों को चलने की अनुमति देने, कोयले एवं जैव ईंधन आधारित उद्योगों को बंद करने जैसी कठोर अनुशंसाएं की हैं.

अब सीपीसीबी के 41 के बजाए 50 निगरानी दल सप्ताह में दो दिन के बजाए कम से कम पाँच दिन इन शहरों में औचक निरीक्षण करेंगे. नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी.